श्री पार्वती चालीसा ||
श्री पार्वती चालीसा माता पार्वती की महिमा का वर्णन करने वाला एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है। इसमें माता के दिव्य स्वरूप, उनकी करुणा, शक्ति और भगवान शिवजी के
श्री पार्वती चालीसा माता पार्वती की महिमा का वर्णन करने वाला एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है। इसमें माता के दिव्य स्वरूप, उनकी करुणा, शक्ति और भगवान शिवजी के
Mata Laxmi ji || दोहा || महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि।हरि प्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधि॥ || आरती || ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।तुमको निसदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
राधा-कृष्ण (Radha Krishna) विवाह की कथा भक्ति और प्रेम की पराकाष्ठा है। मुख्यधारा की श्रीमद्भागवत महापुराण में राधा-कृष्ण का विवाह स्पष्ट रूप से वर्णित नहीं है, बल्कि उनका प्रेम आध्यात्मिक,
माँ दुर्गा जी की आरती “जय अम्बे गौरी” को कई भक्त दोहे के साथ शुरू और अंत में गाते हैं, खासकर जब इसे दुर्गा चालीसा से जोड़कर पूजा करते हैं।
🌼 दोहा 🌼 शान्ताकारं भुजगशयनं, पद्मनाभं सुरेशम्।विश्वाधारं गगनसदृशं, मेघवर्णं शुभाङ्गम्॥ लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं, योगिभिर्ध्यानगम्यम्।वन्दे विष्णुं भवभयहरं, सर्वलोकैकनाथम्॥ 🌼 आरती 🌼 ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।भक्त जनों के संकट,